पावर फैक्टर क्या है What is power factor in Hindi 

विद्युत प्रणालियों में, पावर फैक्टर (Power Factor) एक बहुत ही आम शब्द है और पावर फैक्टर (Power Factor)   को सही रखने पर ऊर्जा की बचत में बहुत मदद मिलती है। चूंकि इससे ऊर्जा की खपत कम होती है, इसलिए लागत (खर्च) में भी बचत मिलती है, इसलिए यह आवश्यक है कि सभी को पावर फैक्टर (Power Factor) के बारे में पूरी जानकारी होनी चाहिए। इस ब्लॉग में, हम आपको यह समझने में मदद करेंगे कि पावर फैक्टर (Power Factor) क्या है और हम इसे बड़ाने के लिए क्या-क्या कर सकते हैं और हम कितने और कैसे पैसे बचा सकते हैं।

पावर फैक्टर क्या होता है ( What is power factor ? )

Table of Contents

पावर फैक्टर शब्द A C  ( अल्टेरनेटिंग करेंट – alternating current ) विद्युत शक्ति प्रणाली में प्रयुक्त शब्द है। सरल भाषा में पावर फैक्टर, किलोवाट (KW) की शक्ति  और किलोवोल्ट एम्पेयर (KVA) की  शक्ति का अनुपात (Ratio ) है।

किलोवाट (KW) और किलोवोल्ट एम्पेयर (KVA) क्या है ?

  • किलोवाट (KW) के तहत शक्ति (Power) को वास्तविक शक्ति real power कहा जाता है ।
  • किलोवोल्ट एम्पेयर (KVA) के तहत मापी गई शक्ति को स्पष्ट शक्ति ( Apparent power ) कहा जाता है।

इसे सर्किट ( Circuit ) के रूप में समझा जा सकता है।

पावर फैक्टर क्या है What is power factor in hindi

पावर फैक्ट सर्किट ( power factor Circuit )

सर्किट ( Circuit ) में तीन प्रकार की शक्ति होती है ।

  1. Real power वास्तविक शक्ति (KW)

  2. Apparent power स्पष्ट शक्ति (KVA)

  3. Reactive Power रिएक्टिव शक्ति (KVAR)

पावर फैक्टर का क्या काम होता है ? What is the function of Power factor

रिएक्टिव पावर (reactive power) और आपपरेंट पावर (apparent power) क्या होती है?

पावर फैक्टर सादृश्य ( Power factor analogy ) – कोल्ड कॉफी कप की इस समानता को देखते हुए, कोई भी इन शब्दों को आसानी से समझ सकता है।

कल्पना कीजिए कि आप एक रेस्त्रां में गए और आपने एक कप कोल्ड कॉफी का ऑर्डर दिया। वेटर कोल्ड कॉफ़ी से भरा कप देता है और जब आप पीना शुरू करते हैं तो आपको महसूस होगा कि कोल्ड कॉफ़ी का कुछ हिस्सा आपकी प्यास नहीं बुझाएगा।

  • आपके कोल्ड कॉफ़ी कप की प्यास बुझाने वाला हिस्सा  वास्तविक शक्ति (Real power KW)  द्वारा प्रदर्शित होता है।
  • दुर्भाग्य से, आपकी वास्तविक कॉफी के साथ, थोड़ा सा झाग आता है और यह झाग आपकी प्यास नहीं बुझाता है। इस भाग को Reactive Power रिएक्टिव शक्ति (KVAR) के रूप में दर्शाया गया है।
  • आपके कप में कोल्ड कॉफ़ी की कुल मात्रा को Apparent power स्पष्ट शक्ति (KVA) के रूप में दर्शाया गया है जो कि वास्तविक शक्ति kW (कोल्ड कॉफ़ी भाग) और kVAR (फोम भाग) का योग है।
पावर फैक्टर क्या है What is power factor
पावर फैक्टर सादृश्य power factor analogy

जैसा कि हम जानते हैं कि ( Real Power ) और ( Apparent Power ) के बीच का अनुपात पावर फैक्टर ( Power factor )  कहलाता है। जब पावर फैक्टर  ( Power factor )  1 होता है, तो आपूर्ति की गई सभी बिजली का उपयोग उत्पादक कार्यों के लिए किया जाएगा और सही स्थिति होगी।

 दिए गए बिजली की आपूर्ति के लिए जो कि किलो वोल्ट एम्पियर kilo Volt Ampere (kVA) में दर्शाया गया है ।

  •  स्थिति 1
    • जब आपके पास होने वाला फोम कम होता है तो इसका मतलब है कि आपके पास Reactive Power रिएक्टिव शक्ति (KVAR) का प्रतिशत कम होगा, इससे केवीए kilo Volt Ampere (kVA) (कॉफ़ी और फोम) में केडब्ल्यू (KW ) (कॉफी) का उच्च अनुपात (ratio)  होगा।
  •  स्थिति 2
    • जब आपके पास अधिक फोम है तो Reactive Power रिएक्टिव शक्ति (KVAR) का प्रतिशत अधिक होगा इससे केडब्ल्यू  kW (कॉफी) के अनुपात को केवीए kilo Volt Ampere (kVA) (कॉफी प्लस फोम) के अनुपात  (ratio) में कम किया जाएगा।

स्थिति 1 में आपके पास उच्च शक्ति कारक होगा और यह पैसे के लिए मूल्य है।

स्थिति 2 में आप कम शक्ति कारक होंगे और यह पैसे की बर्बादी होगी।

पावर फैक्टर की इकाई क्या है? (unit of the power factor)

  • चूंकि पावर फैक्टर अनुपात (Ratio ) एक है इस लिए पावर फैक्टर  इकाईविहीन (Unit less ) होता  है।

पावर फैक्टर की सीमा (Range of power factor)

  • पावर फैक्टर की सीमा -1 से 1 तक भिन्न होती है।

पावर फैक्टर फार्मूला 3 फेज (Power factor formula 3 phase )

पहले हम जानेगे पावर फैक्टर का प्रतीक (Power factor symbol) क्या होता है 

  • पावर फैक्टर को कॉस (Cos θ) के रूप में दर्शाया जाता  है,
  •  यह करंट ( Current ) और वोल्टेज (Voltage )  के बीच का  कोण (θ- phase ) का कोसाइन (Cosine ) है।

जैसा कि ऊपर उल्लेख किया गया है कि पावर फैक्टर वास्तविक शक्ति (KW ) और स्पष्ट शक्ति (KVA ) का अनुपात है।

  • पावर फैक्टर (PF) = real power वास्तविक शक्ति (KW)
  •  / Apparent power स्पष्ट शक्ति (KVA)
  • पावर फैक्टर फॉर्मूला ( 3 phase )
  • पावर  Power  ( P ) = √3 V I Cos θ,
  •  पावर फैक्टर  power factor ( Cos θ )  = √3 ( V I )  / P 
  •  P = पावर  Power ( Watts ) 
  • V = वोल्टेज  Voltage ( Volts )
  •  I = करंट Current ( Amperes )
  •  W = वास्तविक शक्ति Real Power (Watts)
  •  VA = स्पष्ट शक्ति  Apparent Power (Volt-Amperes) 
  •  Cos θ = पावर फैक्टर Power factor

पावर फैक्टर गणना कैसे करें how to calculate power factor

 पावर फैक्टर की  गणना करने लिए, आपको कुछ परिभाषित अंतराल के बाद वास्तविक ऊर्जा real energy  ( KWh ) / स्पष्ट ऊर्जा Apparent (KVAh ) की  रीडिंग (reading ) लेने की जरूरत है।

 पूरे महीने के दौरान पावर फैक्टर की गणना करने के लिए एक उदाहरण लेते हैं

  • जनवरी के पहले दिन की  रीडिंग (reading) :

12400  KWh  और 13800 KVAh

  • और फरवरी के पहले दिन की  रीडिंग (reading) :

14500 KWh और 16100 KVAh

  • मार्च के पहले दिन की  रीडिंग (reading) :

16800 KWh और 18600 KVAh

  • अप्रैल के पहले दिन की  रीडिंग (reading) :

19200 KWh और 21100 KVAh

तब खपत और पावर फैक्टर ऐसे निकलेगा

  • जनवरी:  
    • KWh खपत  के रूप में = (14500-12400) = 2100
    • KVAh खपत के रूप में = (16100-13800) = 2300
    • पावर फैक्टर Power factor  = 2100 / 2300 = 0.913 होगा
  • फरवरी:  
    • KWh खपत  के रूप में = (16800-14500) = 2300
    • KVAh खपत के रूप में = (18600-16100) = 2500
    • पावर फैक्टर Power factor  = 2300 / 2500 = 0.920 होगा
  • मार्च:
    • KWh खपत  के रूप में = (19200-16800) = 2400
    • KVAh खपत के रूप में = (21100-18600) = 2500
    • पावर फैक्टर Power factor  = 2400 / 2500 = 0.96 होगा

पावर फैक्टर कैलकुलेटर Power Factor Calculator

Document

पावर फैक्टर कैलकुलेटर
Power Factor Calculator

प्रारंभिक मीटर रीडिंग Initial Meter Reading (KVAh)
आखिरी मीटर रीडिंग Final Meter Reading (KVAh)
प्रारंभिक मीटर रीडिंग Initial Meter Reading (KWh)
आखिरी मीटर रीडिंग Final Meter Reading (KWh)
यूनिट रेट रुपये में Unit Rate in Rupees

लैगिंग और लीडिंग पावर फैक्टर Lagging and leading power factor

 लैगिंग (Lagging ) और लीडिंग (Leading ) पावर फैक्टर, करंट (Current ) और  वोल्टेज ( Voltage ) की स्थिति  पर आदरित रहता है।  

पावर फैक्टर कब लैगिंग रहता है (when power factor is lagging)

  •  जब करंट current  (I) का  कोण phase वोल्टेज voltage  (V) से पीछे होता है तो पावर फैक्टर (Cos θ) को लैगिंग lagging  पावर फैक्टर कहा जाता है।
  • लैगिंग पावर फैक्टर तब होता है जब लोड (load) इंडक्टिव (inductive) होता है।
  • यह आजकल उद्योगों में आम घटना है क्योंकि इंडक्शन मोटर्स (induction  motors ) के कारण लोड (load ) प्रमुख है।
  • तो लग्गिंग पावर फैक्टर स्थितियों में, लोड (load ) रिएक्टिव शक्ति  Reactive Power (KVAR) का “उपभोग” करेगा, और रिएक्टिव शक्ति सकारात्मक ( Positive ) है।
  • रिएक्टिव शक्ति सर्किट (Circuit ) में यात्रा करती है और लोड द्वारा खपत होती है जो प्रकृति में इंडक्टिव (inductive) है।

पावर फैक्टर कब लीडिंग रहता है (when power factor is leading)

  •  जब करंट current  (I) का  कोण (Phase ) वोल्टेज voltage  (V) से आगे रहता  है तो पावर फैक्टर ( Cos θ ) को लीडिंग ( leading )  पावर फैक्टर कहा जाता है।
  • यह तब होता है जब लोड load  कैपेसिटिव Capacitive  होता है, और रिएक्टिव शक्ति नकारात्मक ( Negative ) होता है।

  लोड (load )  रिएक्टिव शक्ति को सर्किट (Circuit ) में आपूर्ति करता  है।

पावर फैक्टर क्या है What is power factor
लैगिंग और लीडिंग पावर फैक्टर

कब पावर फैक्टर एक होता है When power factor is unity ?

  •  जब लोड Load शुद्ध रूप में  रेसिस्टिव  resistive होता है तब पावर फैक्टर 1 (unity) होता है।

 

पावर फैक्टर एक से अधिक नहीं  हो सकता है।  Power factor not more than one (unity)

 चूँकि हम जानते हैं कि पावर फैक्टर करंट (Current ) और वोल्टेज (voltage ) के बीच का कोण ( Phase ) का कोसाइन (Cosine ) है। कोसाइन (Cosine ) कभी एक (Unity ) से बड़ा नहीं हो सकता।

अन्य शब्दों में, पावर फैक्टर स्पष्ट शक्ति Apparent power (KVA) के लिए वास्तविक शक्ति (Real Power KW) का अनुपात (ratio ) है। अतः स्पष्ट शक्ति Apparent power  हमेशा अधिक होगी तो वास्तविक  शक्ति Real Power और वास्तविक शक्ति Real Power न तो स्पष्ट शक्ति Apparent power से अधिक हो सकती है। इसलिए पावर फैक्टर एक से अधिक नहीं हो सकता है।

पावर फैक्टर क्यों महत्वपूर्ण है Why Power factor is important

  • पावर फैक्टर महत्वपूर्ण है क्योंकि कम पावर फैक्टर होने से एक प्रकार में  ऊर्जा energy नुकसान होता है।
  • जब पावर फैक्टर एक होता है तो वास्तविक शक्ति  Real Power और स्पष्ट शक्ति Apparent power  के बराबर होती है तब न्यूनतम हानि Loss  होता है ।
  •  बिजली की आपूर्ति करने वाली कंपनी स्पष्ट Apparent बिजली की खपत ( KVAh ) के आधार पर बिल करती  है।
  • यदि पावर फैक्टर  एक से कम होता  है।
  • स्पष्ट Apparent  बिजली की खपत वास्तविक Real  बिजली की खपत से अधिक होगी इसलिए ऊर्जा की खपत जायदा होती है।
  • इसलिए पावर फैक्टर को उच्च पक्ष पर रखने से ऊर्जा की बचत में मदद मिलती है और  बिजली बिल में कमी और खर्च  में कमी आती है ।   

पावर फैक्टर कितना होना चाहिए What should be the power factor

जैसे कि हमने जाना पावर फैक्टर जितना अच्छा हो उतना फायदा होता है परुन्त यह 1 नहीं होना चाहिए।

  • पावर फैक्टर एकता के जितना करीब होना चाहिए, जो लगभग 0.9999  हो सकता है

पावर फैक्टर में सुधार कैसे करे  how to improve Power factor 

 जैसा कि हम जानते हैं कि ऊर्जा की बचत के साथ पावर फैक्टर को उच्चतर स्तर पर रखने  की जरुरत  है इसलिए हमें पावर फैक्टर में सुधार करना पड़ेगा निम्नलिखित तरीकों से हम पावर फैक्टर  में सुधार कर सकते हैं:

  • स्टैटिक कैपेसिटर बैंक static capacitor bank  का उपयोग करके
  • सिंक्रोनस कंडेंसर synchronous condenser का उपयोग करके
  • और या फेज Phase advancers का उपयोग करके

 स्टैटिक कैपेसिटर बैंक static capacitor bank

  • यह पावर फैक्टर को बेहतर बनाने का एक सरल तरीका है।
  • यह पावर सर्किट में स्टेटिक कैपेसिटर बैंक को जोड़कर किया जाता है।
  • इंडक्टिव inductive  लोड load में वोल्टेज (voltage ) के पीछे करंट (current ) रहता है
  • कैपेसिटिव capacitive  लोड (load)  में करंट (current ), वोल्टेज (Voltage ) से आगे रहता  है।
  • उद्योग में, इंडक्टिव (Inductive ) लोड  के कारण, पावर फैक्टर कम रहता  है।
  • दोनों इंडक्टिव और कैपेसिटिव लोड के संयोजन से पावर फैक्टर में सुधार होता है।

स्टैटिक कैपेसिटर बैंक static capacitor bank कैसे काम करता है।

कैपेसिटर, लोड के  समानांतर parallel जोड़ा जाता  हैं। स्टैटिक कैपेसिटर का उपयोग करके पावर फैक्टर को बेहतर बनाने की यह विधि  उद्योगों में आमतौर पर उपयोग की जाती है।

स्टैटिक कैपेसिटर बैंक static capacitor bank के लाभ

  • लगाना आसान है।
  • कम नुकसान।
  • आवश्यक रखरखाव भी कम है।
  • कोई घूमता हुआ हिस्सा नहीं।

स्टैटिक कैपेसिटर बैंक static capacitor bank का नुकसान

  • कम जीवन होना जो लगभग 5-6 वर्ष है।
  • मरम्मत के  आसान नहीं है

 सिंक्रोनस कॉन्डेसर synchronous condenser का उपयोग 

  •  जब एक सिंक्रोनस synchronous  मोटर motor  को ओवरएक्सिसिट  overexcited किया जाता है तो यह एक कपैसिटर capacitor की तरह व्यवहार करता है।
  • इसका  उपयोग करके हम पावर फैक्टर  को बेहतर बना सकते है।

 सिंक्रोनस कॉन्डेसर synchronous condenser कैसे काम करता है।

  • तकनीकी रूप से जब एक सिंक्रोनस synchronous मोटर motor बिना लोड में ओवरएक्सिसिट over-excited  स्थिति में चल रही होती है तो उसे  सिंक्रोनस कॉन्डेसर synchronous condenser कहा जाता है।
  • जब सिंक्रोनस synchronous मोटर का पावर फैक्टर एक होता  है, तो डीसी एक्ससिटेशन DC excitation को सामान्य कहा जाता है।
  • जब यह ओवरएक्सिसिट over-excited होता है तो यह मोटर लीडिंग  leading पावर फैक्टर में  काम करने लगता  है।
  • जब अंडर एक्ससिटेशन (Under – excitation ) होती है  तब पावर फैक्टर लग्गिंग होता है
  • ओवरएक्सिटेशन चरण में, यह एक कपैसिटर (Capacitor ) की तरह व्यवहार करता है और ऐसी परिस्थितियों में, सिंक्रोनस मोटर को सिंक्रोनस कंडेंसर (condenser ) कहा जाता है।

 तो किसी भी लोड के लिए पावर फैक्टर में सुधार करने के लिए तब सिंक्रोनस मशीन का उपयोग किया जाता है।  सिंक्रोनस कंडेनसर को समानांतर (parallel) लगाते  है।

 सिंक्रोनस कॉन्डेसर synchronous condenser के लाभ

  • सिंक्रोनस मोटर वाइंडिंग की उच्च तापीय स्थिरता है।
  • दोष को पहचानना और निकालना आसान है।

सिंक्रोनस कॉन्डेसर synchronous condenser का नुकसान 

  • मोटर में लॉस loss  होते हैं।
  • चूँकि इसके भाग घूमते  है इसलिए इसमें उच्च रखरखाव लागत है।
  • चूंकि मोटर चलती  है इसलिए शोर उत्पन्न होता है।

 फेज अडवांसर Phase advancers

पावर फैक्टर को बेहतर बनाने के लिए एक और तरीका है जो कि फेज एडवांसर्स को जोड़कर किया जाता है।

फेज अडवांसर Phase advancers कैसे काम करता है

  • यह इंडक्शन मोटर के पावर फैक्टर को बेहतर बनाने में मदद करता है।
  • सामान्य स्थिति में जब इंडक्शन मोटर चल रही होती है, तो यह स्टेटर वाइंडिंग Stator winding  में   इंडक्शन के कारण पावर फैक्टर में कमी   जाती है।
  • करंट current और वोल्टेज voltage के फेज एंगल (Phase angle ) में अंतर जाता है।
  • यदि एक्ससिटिंग एम्पेयर टर्न exciting ampere-turns किसी अन्य अल्टेरनेटिंग करंट alternating current (AC ) स्रोत से प्रदान किया जाता है, तो स्टेटर वाइंडिंग को एक्ससिटिंग करंट exciting current  से छुटकारा मिल जाएगा और उस समय मोटर के पावर फैक्टर में सुधार हो जाता है
  •  फेज अडवांसर Phase advancer सर्किट को जोड़ना संभव है और यह जो एक जटिल चीज नहीं है, बल्कि एक साधारण एसी एक्सिटर AC exciter है।
  • फेज अडवांसर Phase advancer को मुख्य इंडक्शन मोटर की  ही शाफ्ट Shaft पर रखा जाता है  और इंडक्शन मोटर के रोटर सर्किट से जोड़ा जाता  है।
  • इस फेज अडवांसर Phase advancer  सर्किट (Circuit ) एक्ससिटिंग एम्पेयर टर्न exciting ampere-turns इंडक्शन मोटर को प्रदान करते हैं।
  • इससे करंट की स्थिति को वोल्टेज में सुधार करने में मदद मिलती है और इसलिए पावर फैक्टर में सुधार होता है और यह ओवर एक्ससिटेड over-excited  सिंक्रोनस मोटर synchronous motor के रूप में काम करेगा।

फेज अडवांसर Phase advancers के लाभ

  • चूंकि  एक्ससिटिंग एम्पेयर टर्न exciting ampere-turns स्लिप फ़्रीक्वेंसी (Slip frequency ) पर देता  हैं, इसलिए इंडक्शन मोटर द्वारा खींचे गए लैगिंग पावर फैक्टर  को कम करने में मदद मिलती है।
  • इन फेज अडवांसर Phase advancer का उपयुक्त उन उपयोग में  किया जा सकता है जहां सिंक्रोनस मोटर्स का उपयोग संभव नहीं है।

फेज अडवांसर Phase advancers का नुकसान

  • फेज अडवांसर Phase advancer  का प्रमुख नुकसान यह है कि वे 200 HP से नीचे की मोटर के लिए महंगे हैं।

 

पावर फैक्टर सुधार के लिए बचत की गणना कैसे करें calculate savings for power factor improvement

 पावर फैक्टर गणना के हमारे पहले वाले उदाहरण को देखे :

  • हमें पता चला है कि हमारा पावर फैक्टर = 0.913 है
  • पावर फैक्टर का लक्ष्य हमें रखना है = 0.990
  • पावर फैक्टर की बचत = 0.990 – 0.913 = 0.077
  • प्रति माह इकाइयों (units ) की बचत = 0.077 X 2100 (मासिक खपत)
  • = 161.7 
  • प्रति माह लागत बचत = 161.7 X (यूनिट दर)
  • = 1293.6 रुपए (यदि यूनिट दर 8 रुपए है) 

इसका मतलब हमने रुपए बचा 1293.6 लिए।

स्वचालित पावर फैक्टर नियंत्रक Automatic Power factor Controller :

  • लोड (Load) के समय समय पर बदलने पर भी ,पावर फैक्टर को एकता के पास बनाए रखने के लिए कई उद्योगों में आवश्यकता है।
  • जब लोड (Load) कम / जायदा हो रहा तो , तो फिक्स्ड कैपेसिटर बैंकों (Fixed Capacitor Bank ) साथ पावर फैक्टर को बनाए रखना मुश्किल है और मोटर टर्मिनल में उच्च वोल्टेज पैदा कर सकता है।
  • इससे अधिकतम मांग (Maximum demand ) भी बढ़ सकती है।

इस स्थिति में, एक स्वचालित नियंत्रक की आवश्यकता होती है जो लोड की भिन्नता के दौरान सिस्टम के साथ तिरछे डिस्कनेक्ट कैपेसिटर को जोड़ता है और पावर फैक्टर को बनाए रखता है।

  • पावर फैक्टर कंट्रोलर के पास एक अच्छा डिजिटल डिस्प्ले होता है।
  • यह मापा पावर फैक्टर की तुलना वांछित पावर फैक्टर से करता है।
  • यदि मापा पावर फैक्टर वांछित पावर फैक्टर से कम है तो कैपेसिटर को स्विच किया जाता है कि कंट्रोलर पर रिले आउटपुट क्यों है और इसके विपरीत।

कैपेसिटर का चयन और स्थान (Capacitor selection and location):

कैपेसिटर का चयन निम्न सूत्र के आधार पर किया जा सकता है

kVAr रेटिंग = Kw (tan 1 – tan )2)

जहां kVAr रेटिंग संधारित्र के आकार की आवश्यकता होती है
Kw औसतन खींची गई शक्ति है
θ1 = मौजूदा (cos-1 PF1)
θ2 = बेहतर पावर फैक्टर आवश्यक (cos-1 PF2)

Capacitor का स्थान:

  • कैपेसिटर का उद्देश्य लोड द्वारा की गई मांग को कम करना है।
  • इसलिए सामान्य शब्दों में, हम कह सकते हैं कि कैपेसिटर से अधिकतम लाभ लोड के जितना संभव हो उतना करीब लगाकर प्राप्त किया जा सकता है।
  • लेकिन कुछ मामलों में कैपेसिटर को लोड पर जोड़ना संभव नहीं है, क्योंकि स्रोत के अंत में उच्च-लागत कैपेसिटर स्थापित किए जा रहे हैं।
  • ऐसे मामलों में, लोड पर पावर फैक्टर की भिन्नता प्रतीत होती है।

सारांश – पावर फैक्टर क्या है What is power factor

हम यह आशा करते है कि इस पोस्ट पावर फैक्टर क्या है What is power factor में आपको पावर फैक्टर के बारे में अच्छी जानकारी मिली होगी

चलो हम अब सार जानने का प्रयास करते है।

  • पावर फैक्टर, किलोवाट (KW) की शक्ति और किलोवोल्ट एम्पेयर (KVA) की शक्ति का अनुपात (Ratio ) है।
  • चूंकि एक अनुपात (Ratio ) पावर फैक्टर इकाईविहीन (Unit less ) होता है।
  • पावर फैक्टर (PF) = real power वास्तविक शक्ति (KW) / Apparent power स्पष्ट शक्ति (KVA)।
  • पावर फैक्टर लैगिंग और लीडिंग हो सकता है।
  • इसलिए पावर फैक्टर को उच्च पक्ष पर रखने से ऊर्जा की बचत में मदद मिलती है।
  • यह तीन तरीको से हम पावर फैक्टर को बड़ा सकते हैं।
    स्टैटिक कैपेसिटर बैंक static capacitor bank का उपयोग करके
    सिंक्रोनस कंडेंसर synchronous condenser का उपयोग करके
    और या फेज Phase advancers का उपयोग करके

यदि आप कोई सवाल या कोई सुझाव दे रहे हैं तो कृपया टिप्पणी (comment) करें।

अगर आपको पावर फैक्टर के बारे में कुछ और जानना है तो यह पढ़े।

अगर आपको ट्रांसफार्मर के बारे में कुछ जानना है तो यह पढ़े।

FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

प्रश्न 1 पावर फैक्टर क्या है और यह क्यों महत्वपूर्ण है?

पावर फैक्टर क्या है What is power factor in hindi

पावर फैक्टर, किलोवाट (KW) की शक्ति और किलोवोल्ट एम्पेयर (KVA) की  शक्ति का अनुपात (Ratio) है।

पावर फैक्टर महत्वपूर्ण है क्योंकि कम पावर फैक्टर होने से एक प्रकार में  ऊर्जा energy नुकसान होता है। जब पावर फैक्टर एक होता है तो वास्तविक शक्ति  Real Power और स्पष्ट शक्ति Apparent power  के बराबर होती है तब न्यूनतम हानि Loss होता है।

प्रश्न 2 पावर फैक्टर कितने प्रकार के होते हैं?

पावर फैक्टर 2 प्रकार के होते हैं ।

1 लैगिंग पावर फैक्टर (Lagging power factor) 

2 लीडिंग पावर फैक्टर (Leading power factor)

प्रश्न 3 पावर फैक्टर का अधिकतम मान कितना होता है?

पावर फैक्टर का अधिकतम मान एक से कम ( < 1 ) या 0.9999 होता है।

प्रश्न 4 खराब पावर फैक्टर के क्या नुकसान हैं?

बिजली की आपूर्ति करने वाली कंपनी स्पष्ट Apparent बिजली की खपत ( KVAh ) के आधार पर बिल करती  है। यदि पावर फैक्टर  एक से कम होता यानि खराब होता है । स्पष्ट Apparent  बिजली की खपत वास्तविक Real  बिजली की खपत से अधिक होगी इसलिए ऊर्जा की खपत जायदा होती है ।   

प्रश्न 5 लो पावर फैक्टर के कारण क्या है? (causes of low power factor)

लो पावर फैक्टर के कारण है ज्यादा इंडक्टिव (inductive ) लोड यानि की ac मोटर्स का अथिक होना।

प्रश्न 6 KWH और KVAH में क्या अंतर है?

KWH होती है वास्तविक ऊर्जा real energy 

KVAH होती है स्पष्ट ऊर्जा Apparent

प्रतिरोधक भार (resistive load) में, वे दोनों बराबर हैं। 

आगमनात्मक / प्रतिक्रियाशील भार (inductive / reactive load ) में, KVAH KWH से अधिक होता है। 

प्रश्न 7 पावर फैक्टर फार्मूला 3 फेज

पावर फैक्टर  power factor ( Cos θ )  = √3 ( V I )  / P 

 P = पावर  Power ( Watts ) 

V = वोल्टेज  Voltage ( Volts )

 I = करंट Current ( Amperes )

 W = वास्तविक शक्ति Real Power (Watts)

 VA = स्पष्ट शक्ति  Apparent Power (Volt-Amperes) 

 Cos θ = पावर फैक्टर Power factor

प्रश्न 8 Power factor definition in hindi

पावर फैक्टर, किलोवाट (KW) की शक्ति और किलोवोल्ट एम्पेयर (KVA) की  शक्ति का अनुपात (Ratio ) है।

प्रश्न 9 यूनिटी पावर फैक्टर क्या होता है ?

जब लोड Load शुद्ध रूप में  रेसिस्टिव  resistive होता है तब पावर फैक्टर 1 (unity) होता है।

प्रश्न 10 पावर फैक्टर का सूत्र power factor formula

पावर फैक्टर Power Factor = ( Final KWh – Initial KWh) / ( Final KVAh – Initial KVAh)  

पावर फैक्टर की ऑनलाइन गणना करने के लिए कृपया यहां क्लिक करें

28 thoughts on “पावर फैक्टर क्या है What is power factor in Hindi ”

  1. This topic is very important for each and every electrical engineer and its supervisory staff for good health of concern places

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  2. Sir good afternoon,
    My actual problem
    Before providing power factor-.58
    After connect 25 kvar power father down – . 27

    Reply
  3. यह तीन तरीको से हम पावर फैक्टर को बड़ा सकते हैं।
    स्टैटिक कैपेसिटर बैंक static capacitor bank का उपयोग करके
    सिंक्रोनस कंडेंसर synchronous condenser का उपयोग करके
    और या फेज Phase advancers का उपयोग करके

    Need Capacitor for hotel (accommodation) purpose … pls suggest how can i got the same with genuine product with genuine rate.

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