पेड़ों का महत्व ( IMPORTANCE OF TREES IN HINDI)

पेड़ों का महत्व ( IMPORTANCE OF TREES IN HINDI )

पेड़ कुदरत का एक अनमोल और बहुमूल्य तोहफ़ा है। पेड़ धरती पर जीवन का प्रतीक है और पेड़ो के बिना हमारा धरती पर जीवन असंभव है। पेड़ हमें न केवल ऑक्सीजन और भोजन प्रदान करते हैं अपितु यह हमारे जीवन को जीने के लिए अति- आवश्यक वस्तुएँ जैसे कि, दवाइयाँ ,स्वच्छ हवा,स्वच्छ जल,वर्षा आदि प्रदान करने में अपना विशेष योगदान देते हैं। पेड़ हमें बहुत सारी प्राकृतिक आपदाओं से भी सुरक्षित रखते हैं तथा प्रकृति को स्वच्छ और हरी-भरी बनाने में सहायता करते हैं। पेड़ हवा,मिट्टी और पानी को शुद्ध करके धरती/पृथ्वी को एक बेहतर और बल्कि ग्रहों से अलग जगह बनाते हैं। पेड़ पृथ्वी पर रह रहे सभी जीव-जंतुओं के जीवन को प्रभावित करते है। इनके महत्व को समझने के लिए हमें इनके बारे में विस्तार से जानना होगा। इस पोस्ट में हम आपको पेड़ों का महत्व ( IMPORTANCE OF TREES IN HINDI) के बारे में जानकारी देने की प्रयास करेंगे।  

पेड़ों का महत्व ( IMPORTANCE OF TREES )

 पेड़ धरती पर जीवन के सबसे महत्वपूर्ण तथा मूल्यवान साधन हैं। पेड़ धरती पर रह रहे जीवों को प्रत्यक्ष (direct) और अप्रत्यक्ष (indirect)रूप में फायदा पहुँचाते हैं। पेड़ और धरती एक -दूसरे पर निर्भर होने के कारण एक-दूसरे को प्रभावित करते हैं। पेड़ का हमारे जीवन पर विशेष महत्व है जिसे हम एक-एक करके जानने की कोशिश करेंगें। 

पेड़ों का पर्यावरण में महत्व ( IMPORTANCE OF TREES IN ENVIRONMENT)

पेड़ों का पर्यावरण में महत्व ( IMPORTANCE OF TREES IN ENVIRONMENT)

पेड़ों के बिना धरती पर स्वच्छ वातावरण का होना नामुमकिन है। धरती पर रह रहे जीव-जंतु पेड़ो पर आश्रित/निर्भर हैं। पेड़ हमारे वातावरण से लेकर हमारे स्वास्थ्य तक को प्रभावित करते हैं। पेड़ मनुष्य को ऑक्सीजन तथा स्वच्छ वायु प्रदान करते हैं। पेड़ सूरज की रोशनी लेकर प्रकाश संश्लेषण या फोटो-सिंथेसिस प्रक्रिया द्वारा हवा से कार्बन-डाइऑक्साइड लेकर हमें ऑक्सीजन प्रदान करते हैं। ऑक्सीजन हमारे तथा सभी जीव -जंतुओं के जीवन के लिए अत्यंत आवश्यक है। एक बड़ा और स्वच्छ पेड़ एक दिन में लगभग 230 लीटर ऑक्सीजन वायुमंडल में छोड़ता है जो की सात लोगों के लिए पर्याप्त होती है। 

 पेड़ वातावरण को प्रदूषित होने से बचाते हैं। गर्मियों के महीनों में पेड़ हमें सूरज की तपती  किरणों से बचाते हैं तथा धरती के तापमान को बढ़ने से भी रोकते हैं। बारिश के मौसम में पेड़ो की जड़ें मिट्टी को मज़बूती से पकड़े रखती है जिससे प्राकृतिक आपदाओं का ख़तरा कम होता है। जितने ज्यादा पेड़ होंगे हमें उसका उतना ही फ़ायदा मिलेगा। पेड़ों की जड़े बारिश के पानी को धरती के नीचे(भूमिगत ) स्तर पर पहुंचाने का काम भी करतीं हैं और साथ ही जल संरक्षण ,मृदा अपरदन को रोकने में और मिट्टी संरक्षण करने में विशेष योगदान देते हैं। अमेरिकी कृषि विभाग के अनुसार 1 एकड़ वन 6 टन वायु से कार्बन डाइऑक्साइड  लेकर उसे अवशोषित (consume)करता है  तथा वापस वायु में 4 टन ऑक्सीजन डालता है। यह 4 टन ऑक्सीजन 18 लोगों की वार्षिक/सालाना ज़रूरतों को पूरा करने का समर्थ रखती है। 

पेड़ हमें हर रूप में कुछ -न -कुछ प्रदान करते हैं। पेड़ गाड़ियों तथा कारख़ानों से निकली कार्बन डाइऑक्साइड गैस को अपने भोजन बनाने की प्रक्रिया में इस्तेमाल करके बदले में हमें शुद्ध ऑक्सीजन प्रदान करते हैं।ऐसा अनुमान लगाया जाता है कि एक हरा-भरा पेड़ वाहनों से निकले 30 लीटर पेट्रोल के प्रदूषण को अवशोषित/खत्म(consume) करने की समर्था रखता है। पेड़ हमें ग्लोबल-वार्मिंग जैसी जटिल समस्या से निपटने के लिए सहायता भी करतें हैं।  पेड़ो की छाया ज़मीन से जल वाष्पीकरण को कम करके पानी को बचाती है। पेड़ वातावरण को ठंडा बनाते हैं। पेड़ों की छाँव से हम सूरज की हानिकारक अल्ट्रावायलेट किरणों(ultraviolet rays) से बच पाते हैं, जो कि त्वचा कैंसर तथा त्वचा की अन्य समस्याओं/बिमारियों को पैदा करती हैं। पेड़ वायु में मिश्रित गैसों की गुणवत्ता को सुधारने का काम भी करते हैं। पेड़ों की सूखी पत्तियों का खाद के रूप में इस्तेमाल कर,हम अपनी भूमि/धरती को उपजाऊ बना सकते हैं। पेड़ बहुत सारे जीव- जंतुओं का आवास होते हैं और कई जीव- जंतु पेड़ -पौधों को अपना आहार भी बनाते हैं। 

पेड़ों का सामाजिक महत्व (IMPORTANCE OF TREES IN SOCIETY)

 पेड़ों का सामाजिक महत्व (IMPORTANCE OF TREES IN SOCIETY)

 पेड़ हमारे आसपास के वातावरण को सुंदर और  स्वच्छ बनाते हैं। पेड़ों का हमारे जीवन पर बहुत प्रभाव पड़ता है। पेड़ किसी न किसी रूप में हमें अनेक सुविधाएँ प्रदान करते हैं। पशु-पक्षी भी पेड़ों पर आश्रित/निर्भर होते हैं। पक्षी पेड़ों पर अपना घोंसला बनाते हैं और पशु जंगलों में रहते हैं व पेड़ों की पत्तियों को  अपना भोजन बनाते हैं।  पेड़ हमारे लिए बहुत उपयोगी हैं पेड़ हमें फल,फूल,भोजन,ईंधन आदि प्रदान करते हैं।पेड़ों के पत्तों, जड़ों,खाल,फूलों आदि को हम बहुत सारी बिमारियों से निपटने/बचने के लिए दवाइयाँ बनाकर इस्तेमाल करतें हैं। नीम, बबूल,बेल ,खेर का पेड़, तुलसी,ग्लो, आदि पेड़ों के इस्तेमाल से हम बहुत  सी बिमारियों से बच सकतें हैं । पेड़ हमारी धरती को उपजाऊ बनाते हैं।

 पेड़ समाज का बहुमूल्य हिस्सा होते हैं, यह हमारे वातावरण को हरा भरा और शांतमय बनाते हैं। पेड़ों की ठंडी छाँव के नीचे  बैठने का नज़ारा ही बहुत खास होता है। सड़कों के किनारे लगे पेड़, राहगीरों के लिए वरदान साबित होते हैं,गर्मियों में वह एक तो सूरज की तपती किरणों से व  बारिश से भी बचाते हैं तथा दूसरी तरफ राहगीरों के विश्राम के लिए ठंडी छाँव भी प्रदान करते हैं .

 गाँवों में पेड़ों की हरियाली मन को मोह लेती है, शाम को ठंडी पवन दिन-भर की सारी थकावट दूर कर देती है। चारों तरफ हरे भरे फलों-फूलों से लहराते पेड़ देखने में बहुत ही सुंदर व अद्भुत नज़ारा देतें हैं। आधुनिकता और शहरीकरण के कारण गांव शहरों में बदल चुके हैं और पेड़ों का काटना भी काफी मात्रा में हो रहा है। शहरों में गाँवों की तरह हरियाली देखने को नहीं मिलती है। शहरों में बड़े-बड़े पार्क, खेल मैदान तथा बगीचे ही देखने को मिलते हैं। लोग इन जगहों पर सैर करने तथा खेलने का आनंद उठाते हैं। सारा दिन घर में बैठे रहने के कारण बच्चे और बूढ़े इन जगहों पर आकर काफी खुश होते हैं। सड़कों के किनारों पर लगे बड़े-बड़े पेड़  शहरों में फैल रहे प्रदूषण से हमें बचाते हैं। पार्कों में परिवार के साथ बैठने,घूमने -फ़िरने और खेलने का एक अलग ही मजा होता है।  शहरों में बच्चे शाम को अपने परिवार तथा दोस्तों के साथ इन जगहों पर खेलने के लिए आतें हैं। इन जगहों पर रंग -बिरंगे और बड़े -छोटे पेड़ लगें होतें है जो की हमें स्वच्छ हवा और वातावरण प्रदान करतें हैं। 

पेड़ों का धार्मिक तथा अध्यात्मिक महत्त्व ( RELIGIOUS AND SPIRITUAL BENEFITS OF TREES )

पेड़ों का धार्मिक तथा अध्यात्मिक महत्त्व ( RELIGIOUS AND SPIRITUAL BENEFITS OF TREES )

पेड़ों का हमारे जीवन पर बहुमूल्य प्रभाव पड़ता है। पेड़ हमें न  केवल स्वच्छ हवा,भोजन आदि प्रदान करते हैं बल्कि यह हमारी धार्मिक भावनाओं को भी उजागर करते हैं। पेड़ हमारी धार्मिक तथा अध्यात्मिकता भावनाओं को दर्शाते हैं। इस धरती पर ऐसा कोई भी जीव नहीं होगा जो पेड़ों पर आश्रित/निर्भर नहीं होगा। हर इंसान पेड़ों की सुंदरता,अद्भुतता,रूप-रंग,आकार,गुणों – अवगुणों  तथा विशेषताओं  से प्रभावित होता है। हर पेड़ की अपनी-अपनी विशेषता होती है, इन्हीं कुछ विशेषताओं के कारण ही कुछ पेड़ों तथा फूलों को  पूजा-पाठ,विवाह-शादी ,त्योहारों या मुख्य अवसरों पर इस्तेमाल किया जाता है 

  •  पीपल का पेड़-(Tree of enlightment)- पीपल के पेड़ को बोधी ट्री के नाम से भी जाना जाता है। भगवान गौतम बुद्ध को पीपल के पेड़ के नीचे ही उन्हें ज्ञान  प्राप्त हुआ था और उन्होंने बाद में बौद्ध धर्म की स्थापना की। ऋषि -मुनि,साधु -संत  भी पीपल के पेड़ के नीचे बैठकर साधना करते थे। 
  • बरगद का पेड़-(Tree of life) – बरगद के पेड़ को जीवन दाता भी कहा जाता है। ऐसा माना जाता है की बरगद के पेड़ के पास काफी शक्तियां है और इसी के कारण शादीशुदा महिलाएं बरगद के पेड़ की पूजा संतान की प्राप्ति के लिए करती हैं। 
  •  अशोका  पेड़-(associated with Kamadeva or the god of love)- अशोक पेड़ को लोक संतान की प्राप्ति के लिए मानतें हैं और कहा जाता है कि गौतम बुद्ध का जन्म अशोक पेड़ की नीचे हुआ था। 
  •  आम का पेड़-( love and fertility)- आम का पेड़, फल देने के साथ-साथ प्यार तथा संतान की प्राप्ति के लिए पूजा जाता है और इस की लकड़ी का प्रयोग हवन करने में भी किया जाता हे। 
  • नारियल का पेड़-(ceremonial food)नारियल को  हर पूजा तथा शुभ अवसर पर इस्तेमाल किया जाता है।हर शुभ अवसर की शुरूआत नारियल को फोड़कर की जाती है। इसे दवाइयों के रूप में भी इस्तेमाल किया जाता है। 
  • नीम का पेड़-(tree of healing) नीम के पेड़ का इस्तेमाल दवाइयां  बनाने में किया जाता है।  साथ ही नीम की पत्तियों का इस्तेमाल  दुर्गा मां,शीतला देवी माता की पूजा में  किया जाता है। 

पेड़ हमें छोटे-बड़े,मोटे-पतले हर रूप में कुछ ना कुछ प्रदान करते हैं। हमारा संपूर्ण जीवन पेड़ों पर आश्रित/निर्भर है और हमारे हर दुख-सुख में पेड़ हमारे साथ होते हैं इसलिए पेड़ों को हमारा सबसे अच्छा दोस्त भी कहा जाता है। 

पेड़ों का व्यवसायिक महत्व ( COMMERCIAL BENEFITS OF TREES )

पेड़ों का व्यवसायिक महत्व ( COMMERCIAL BENEFITS OF TREES )

पेड़ वातावरण की देखवाल और पशु-पक्षिओं को आश्रय देने के साथ -साथ व्यवसाय में भी योगदान देतें हैं। आधुनिकता तथा शहरीकरण के कारण गांव शहरों में परिवर्तित हो गए हैं। जनसंख्या वृद्धि के कारण घरों, इमारतों, कारख़ानों ,व्यावसायिक अनुसंधानों आदि का कार्य बड़े पैमाने पर हो रहा है और पेड़ इन सभी निर्माण में  विशेष योगदान देते हैं। पेड़ हमारे घर की जरूरी वस्तुएँ जैसे कि दरवाज़े खिड़कियां फर्नीचर, औजार तथा घर की छोटी मोटी विभिन्न वस्तुएँ बनाने में बहुत उपयोगी है। 

पेड़ों का इस्तेमाल घरेलू चीज़ों से लेकर व्यवसाय तक इस्तेमाल होने वाली हर छोटी-बड़ी अनेकों वस्तुओं में किया जाता है। बहुत से कारखानें पेड़ों पर ही निर्भर हैं जहां से उन्हें कच्चा माल मिलता है जैसे कागज़ मिल , रबर मिल ,धागा मिल ,प्लाई-बोर्ड कारखाना ,फर्नीचर कारखाना आदि। इन कारखानों में काम करने से बहुत से लोगों को रोजगार मिलता है इसलिए पेड़ों का रोजगार देने में भी काफी योगदान है। विश्व के कुछ हिस्सों में आज भी खाना बनाने के लिए सूखी लकड़ी का इस्तेमाल होता है। पेड़ पौधे हमें फल(सेब,आम,केले,अनार आदि ),सब्ज़ियाँ, दवाइयाँ,सूखे फल (dry fruits)जैसे कि बदाम, किशमिश ,काजू आदि भी प्रदान करते हैं जिनकी कीमत बहुत होती है और लोग इन सब की खेती कर भारी मुनाफ़ा कमातें हैं। 

जनसंख्या वृद्धि के कारण वस्तुओं की माँग भी बढ़ गयी है जिसके चलते उनके दामों में भी काफ़ी उछाल आया है। जिसके कारण पेड़ों के मूल्य पर भी काफ़ी प्रभाव पड़ा है। जिन लोगों के पास घने जंगल हैं वह लकड़ी काटने और बेचने के काम से भी काफी मुनाफ़ा कमा रहे हैं क्योंकि लकड़ी की आवश्यकता बहुत से कार्यों में पड़ती है।  

हमारे जीवन के हज़ारों-लाखों ही काम पेड़ों के बिना करने असंभव हैं। पेड़ उर्जा की खपत कम करने में भी अहम भूमिका निभाते हैं ,घर के आस-पास पेड़ लगाने से घर का वातावरण ठंडा रहता है और एयर कंडीशन की आवश्यकता कम पड़ती है जिससे हम उर्जा की बचत कर सकते हैं। 

पेड़ों को काटने के दुष्परिणाम ( EFFECTS OF DEFORESTATION / CUTTING OF TREES ) 

पेड़ों को काटने के दुष्परिणाम ( EFFECTS OF DEFORESTATION / CUTTING OF TREES )

जनसंख्या ,आधुनिकता और शहरीकरण के चलते पेड़ों की अंधाधुंध कटाई की जा रही है, जिसका परिणाम भी हमें देखने को मिल रहा है। पृथ्वी का तापमान लगातार बढ़ रहा है और वातावरण भी दूषित हो रहा है। जगह-जगह बड़ी-बड़ी इमारतें तो बन रही है परंतु नए पेड़ नहीं लगाए जा रहे हैं। घर के आंगन में बगीचों की जगह अब गाड़ी पार्क करने की जगह बन चुकी है। पेड़ों को काटने का हमारे जीवन पर काफी नुकसान हो रहा है, जिसे हम विस्तार में जानेंगे-

  1. पेड़ों के काटने से वातावरण में स्वच्छता और हरियाली की कमी हो जाती है। ठंडी हवा तथा पेड़ों की छाँव भी बड़ी ही मुश्किल से नसीब हो पाती है। 
  2.  पेड़ों की कटाई के कारण जीवों की कई प्रजातियाँ अपना आवास खो देती हैं और जिसके कारण कई प्रजातियाँ विलुप्त भी हो चुकी हैं और अभी हो भी रहीं   हैं। 
  3.  पेड़ वर्षा करवाने का मुख्य कारण होते हैं। सूखा पड़ना, अकाल पड़ना आदि आपदाएं भी पेड़ों के होने पर निर्भर होती हैं । 
  4.  पेड़ ना होने के कारण मिट्टी का कटाव अधिक होता है। पेड़ों की जड़ें मिट्टी को जकड़े रखतीं हैं और पेड़ों की कमी होने से बाढ़ तथा भूमि  फ़िसलन का भी  ख़तरा बढ़ जाता है।  
  5.  पेड़ों की अत्याधिक कटाई के कारण प्रकृति का संतुलन भी बिगड़ रहा है, जिसके कारण बेमौसमी बारिश ,आंधी,तूफ़ान आतें हैं जिससे किसानों तथा अन्य  लोगों को भी नुक्सान उठाना पड़ता है। 
  6.  पेड़ों की कमी के कारण जल, वायु और ध्वनि प्रदूषण अधिक मात्रा में बढ़ रहा है जिसके कारण गंभीर बीमारियां फ़ैल रहीं हैं जैसे की अस्थमा ,टुबरक्लोसिस (टी.बी. ),त्वचा के रोग आदि। 
  7.  पेड़ों की कटाई के कारण भूमिगत जल का स्तर घटता ही जा रहा है |
  8. मिट्टी की उपजाऊ क्षमता भी धीरे-धीरे समाप्त हो रही  है तथा सूखा पड़ने के कारण रेगिस्तान की ज़मीन में बढ़ोतरी हो रही है। 
  9. पृथ्वी का तापमान भी हर साल 1 से 2 डिग्री बढ़ रहा है। पृथ्वी के बढ़ रहे तापमान से हमारी सेहत/स्वास्थ्य पर भी काफी नुकसान हो रहा है। लोग विभिन्न बीमारियों से ग्रसित हो रहे हैं तथा स्वभाव में चिड़चिड़ापन ,अकेलापन, उदासी, नींद ना आना आदि शामिल है। इन सब का मुख्य कारण है कि लोगों का मस्तिष्क हर समय किसी ना किसी काम में व्यस्त रहता है वह अपने परिवार साथ ठंडी और स्वच्छ हवा में समय बिता नहीं पा रहे। पेड़ों की ठंडी छांव या ठंडी पवन मस्तिष्क की सारी परेशानी को दूर कर उसे शांत रखती है और दिन भर की थकावट भी दूर करने में अपना योगदान देती है। 
  10. पेड़ों की कटाई के कारण ग्लोबल वार्मिंग जैसी जटिल समस्या उत्पन्न हो गई है। पृथ्वी का तापमान बढ़ने के कारण ग्लेशियर पिघलने लगे हैं और शांत पड़े ज्वालामुखी भी सक्रिय हो रहें हैं ,जिनसे विषैली गैसें निकलती हैं जो कि पृथ्वी के लिए हानिकारक है।  
  11.  वायुमंडल की ओज़ोन परत को भी काफी नुकसान हो रहा है जो कि एक चिंता का विषय है। 
  12. प्राकृतिक संतुलन बिगड़ने के कारण धरती तथा जल में रह रहे कई जीव -जंतु विलुप्त हो रहें हैं और धरती विषैली हो रही है।        

गांवों में पेड़ों से हमें जो सुख-सुभिधाएँ और शांति प्राप्त होती है वह सब हमें शहरों की बड़ी-बड़ी इमारतों के बीच नहीं मिल पाती है । शहरों में ना तो स्वच्छ हवा मिल पाती है और ना ही धूप का आनंद लिया जाता है। सड़कों तथा रेल मार्गों के निर्माण में भी काफी मात्रा में पेड़ काटे जा रहे हैं जिसका नुकसान हमें आने वाले कुछ वर्षों में भुगतना पड़ेगा। हम अपनी आने वाली नई पीढ़ियों को प्रदूषण की सौगात दे रहे हैं क्योंकि हमने वातावरण को शुद्ध करने वाले पेड़ों को अपनी सुख-सुविधाओं के लिए काट दिया है। हमें पेड़ पौधों की अंधाधुंध कटाई को रोकने के बारे में बड़ी ही गहराई से सोचना होगा और ऐसे उपाय ढूंढने होंगे जिससे हम इस समस्या का समाधान कर सकें।  

हमें पेड़ों को कैसे बचाना चाहिए ( HOW TO SAVE TREES )

हमें पेड़ों को कैसे बचाना चाहिए ( HOW TO SAVE TREES )

 पेड़ धरती पर रह रहे हरेक जीव जंतु के लिए अत्यंत आवश्यक है।पेड़ बहुत सारे लोगों और जंगली जानवरों का प्राकृतिक घर भी है। पेड़ हमें बहुत सारी सुख सुविधाएँ प्रदान कर रहे हैं ,परंतु हम उसके बदले ,उनके लिए कुछ भी नहीं कर पा रहे हैं। धरती पर जीवन और पर्यावरण को बचाने के लिए हमें पेड़ पौधों को बचाना होगा। 

  1. हमें पेड़ों के हटाने/ काटने का कारण पता करना चाहिए। अगर कोई पेड़ काट रहा है तो हमें स्थानीय विभाग या शहरी विभाग को शिकायत करनी चाहिए ताकि वह अपने तरीके से इसकी जांच कर सके। 
  2. पेड़ों को हटाने के संबंधी हम शहरी परिषद प्रतिनिधि से भी संपर्क कर सकते हैं तथा हमें अपने पड़ोसियों से मिलकर पेड़ों को बचाने के लिए प्रयास करने  चाहिए।  
  3. हमें ये सुनिश्चित करना होगा कि अगर किसी जगह से पेड़ को हटाया जा रहा है तो हमें उसके बदले में दोबारा पेड़ लगाना चाहिए। 
  4. पेड़ों की महत्ता को समझते हुए हमें जागरूकता फ़ैलाने के लिए समाजसेवी संस्थाओं की भी मदद लेनी चाहिए। 
  5. सड़कों, नदियों तथा रेल मार्गों के निर्माण में काटे जा रहे पेड़ों की जगह नए पेड़ लगाने के लिए अपनी आवाज उठानी चाहिए। 
  6. सरकारी तथा गैर सरकारी इमारतों की खाली जगह पर भी पेड़ लगाने चाहिए। 5 जून को पर्यावरण दिवस के अवसर पर नए पेड़ लगाने चाहिए तथा लोगों में  जागरूकता फैलानी चाहिए।
  7. भारतीय सुप्रीम कोर्ट के द्वारा बहुत ही अहम फैसला सुनाया गया कि जंगलों के इलाके में कोई भी ग़ैर जंगलात कार्यवाई नहीं होनी चाहिए।आरा मिल (लकड़ी काटने वाला कारखाना) या कोई भी उद्योग स्थापित नहीं हो पाएंगे। 
  8. हिमाचल सरकार ने पेड़ों के काटने पर पूरी तरह से पाबंदी लगा दी है अगर फिर भी कोई ऐसा करता है तो उसके ऊपर क़ानूनी कार्यवाई की जाती है। 
  9. हमें वृक्षारोपण/पेड़ लगाने पर ज़ोर देना चाहिए। हमारे देश में कई संस्थाएं वृक्षारोपण के कार्य करतीं हैं जैसे कि पंचायती राज संस्थाएं, जन विभाग,पंजीकृत संस्था आदि वृक्षारोपण का कार्य कराती हैं। कुछ संस्थाओं द्वारा वृक्षों को गोद भी लिया गया है, हमें भी    ऐसी संस्थाओं के साथ मिलकर अपना योगदान देना चाहिए। 
  10. पर्यावरण की सुरक्षा के लिए पहाड़ी क्षेत्र में 60% भूमि पेड़ों तथा जंगलों से भरी होनी चाहिए और मैदानी क्षेत्र में  30% पेड़ पौधे होने चाहिए।
  11. चिपको आंदोलन- चिपको आंदोलन एक पर्यावरण रक्षा का आंदोलन था, जिसमें भारत के उत्तराखंड राज्य में  (1970) किसानों ने वृक्षों की कटाई के विरोध में प्रदर्शन किया था। मुख्य बात यह थी कि गांव की सभी स्त्रियों ने इस आंदोलन में हिस्सा लिया था और जंगलों को कटने से बचाया था। इस आंदोलन में सभी गांववाले पेड़ों के साथ चिपक गए थे तथा उन्हें कटने से बचाया। 1980 में इस आंदोलन को सफलता प्राप्त हुई तब प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने 15 वर्षों के लिए हिमालय वनों की कटाई पर रोक लगा दी थी।
  12. हमें बच्चों या नई पीढ़ी को भी इस समस्या से अवगत करना होगा ताकि वह भी अपना योगदान दे सकें।
  13. हमें पेड़ों के पास आग नहीं लगानी चाहिए क्योंकि इसके काफ़ी नुक्सान होतें हैं एक तो आग फैलने का ख़तरा होता है और दूसरी तरफ़ इसका प्रभाव पेड़ों की जड़ों पर भी पड़ता है।
  14. हमें पेड़ों की खेती पर भी ज़ोर देना होगा जिससे अपना पर्यावरण शुद्ध रहे और साथ ही रोज़गार का साधन भी मिल सके।
  15. हमें घर के आसपास खाली जगहों पर फलों के पेड़ लगाने चाहिए क्योंकि ये पेड़ फल देने के साथ -साथ पर्यावरण को भी शुद्ध रखतें हैं।
  16. आजकल की परिस्थितियों के हिसाब से हर घर के आँगन में एक पेड़ लगा होना चाहिए तांकि हम भविष्य में पैदा होने वाली समस्यांओं को निपटनें में कारागार /कामयाव हो पाएं।

सरकार को पेड़ों के काटने पर पूरी तरह से रोक लगानी चाहिए। पेड़ों की भूमिका को जानते हुए भी ,अफ़सोस है की हर साल 40 लाख एकड़ धरती से पेड़ काटे जा रहें हैं। उत्तरी पूरबी राज्यों  में 80 % जंगल हैं जो हमें बचाकर रखने होंगें। 1976 में भारतीय संभिधान द्वारा धारा 42 में कुछ बदलाब किये गए थे और नई धारा  48A शामिल की गयी थी जिसके अनुसार हर नागरिक का कर्त्तव्य है की वह वातावरण , जंगली जीवों तथा पेड़ों की सुरक्षा करे। हमें पेड़ों की महत्वता को समझना होगा अगर हम अभी भी पेड़ों की महत्ता को नहीं समझेंगे तब हमें आने वाले कुछ सालों में इसके और भी गंभीर दुष्प्रभाव देखने को मिलेंगे।

उपसंहार (CONCLUSION )

सभी देशवासियों को पेड़ पौधों तथा वनों की महत्ता को समझना चाहिए और राष्ट्र के हर एक नागरिक को एक -एक पेड़ जरूर लगाना चाहिए। पेड़ पौधे हमारे जीवन का अभिन्न अंग,पृथ्वी का अस्तित्व है और इनकी रक्षा करना हमारा दायित्व है। हमें पेड़ों और जंगलों को नहीं काटना चाहिए और भीड़ -भाड़ तथा शहरी इलाकों में ज्यादा से ज्यादा पेड़ लगाने चाहिए और  लोगों को भी वृक्षारोपण के लिए प्रेरित करना चाहिए।  

सारांश – पेड़ों का महत्व ( IMPORTANCE OF TREES IN HINDI )

हम यह आशा करते है की इस पोस्ट पेड़ों का महत्व ( IMPORTANCE OF TREES IN HINDI) में पेड़ो के बारे में अच्छी जानकारी मिली होगी । चलो हम अब इसका सार जानने का प्रयास करते है।

  • पेड़ कुदरत का एक अनमोल और बहुमूल्य तोहफ़ा है।
  • पेड़ धरती पर रह रहे जीवों को प्रत्यक्ष (direct) और अप्रत्यक्ष (indirect)रूप में फायदा पहुँचाते हैं।
  • पेड़ों का पर्यावरण में महत्व होता है।
  • पेड़ों का सामाजिक महत्व होता है।
  • पेड़ों का धार्मिक तथा अध्यात्मिक महत्व होता है।
  • पेड़ों का व्यवसायिक महत्व है।
  • पेड़ों को काटने के दुष्परिणाम होते हैं।
  • हमें पेड़ों कई तरीको से बचा सकते हैं।

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